सीतापुर, नवम्बर 24 -- सीतापुर, संवाददाता। जिले में एक वर्ष से जंगली जानवरों की दहशत है। अक्सर कहीं न कहीं तेंदुआ, बाघ तो कभी सियार की चहलकदमी दिख जाता है। जानवर अक्सर मवेशी व लोगों पर हमला बाले देते हैं। कुछ दिन पहले तेंदुआ संदना के उत्तरथोक गांव में घर की छत तक आ गया था। बीते 19 नवंबर को संदना के खेउटा रामपुर में गोंदलामऊ ब्लॉक प्रमुख के फार्म हाउस के पास लगे पिंजड़े में तेंदुआ कैद होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। तीन दिन बाद ही 30 किमी दूर इमलिया सुल्तानपुर के बेलामऊ व ढोलई खुर्द में दो जगह बाघ के पगचिन्ह मिलने से लोग फिर दहशत में आ गये। वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार कांबिंग कर रही है। पर 48 घंटे बाद भी बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है। ऐलिया में वन विभाग द्वारा बाघ को अपने जाल में फंसाने के लिए पिंजड़ा भी लगाया गया है। ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.