अररिया, सितम्बर 7 -- साथ जीने-मरने की कसमें बनी हकीकत, गांव में हर किसी की आंखें नम शुक्रवार शाम बाइक पर सवार तीन दोस्तों की हादसे में एक साथ गयी थी जान तीन युवकों की मौत से टूट चुका पूरा परिवार फारबिसगंज, निज संवाददाता। शुक्रवार का दिन रमै और आसपास के लोगों के लिए कयामत बनकर टूटा। एक ही गांव के तीन जिगरी दोस्त-साहिल, जसीम और इंतसार सड़क हादसे के शिकार हो गए। शनिवार को जब एक साथ तीनों होनहार युवकों जनाजे उठे, तो गांव का माहौल मातम में डूब गया। हर किसी की आंखें नम थी और चेहरा उदास। ये तीनों दोस्त हमेशा साथ रहते थे। गांव में लोग कहते थे कि लगता है ये तीनों दोस्त साथ जीने-मरने की कसमे खा ही है। और संयोग से हुआ भी ऐसा ही। किस्मत ने ऐसी करवट ली कि ये कसमे हकीकत बन गईं। बाइक से निकले तीनों का सफर मौत की मंजिल पर खत्म हो गयी। साहिल जो मुबारक का प...