कानपुर, जनवरी 2 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता कंपनियों के निदेशकों को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने बड़ी राहत दी है। निदेशक पहचान संख्या (डीआईएन) से जुड़ी केवाईसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब डीआईएन केवाईसी हर वर्ष कराना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि तीन वर्ष के बाद कराना जरूरी होगा। इससे कानपुर में संचालित छोटी-बड़ी कंपनियों के लगभग 60 हजार निदेशकों को सहूलियत होगी। कंपनी सचिव एवं कॉरपोरेट मामलों के विशेषज्ञ वैभव अग्निहोत्री ने बताया कि यह संशोधन अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। अब निदेशकों को हर साल केवाईसी कराने के दबाव से आंशिक राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी डीआईएन धारक के मोबाइल नंबर, ई-मेल पता या आवासीय पते में कोई भी परिवर्तन होता ...
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