उन्नाव, मार्च 20 -- उन्नाव, संवाददाता । फाइलों में हर वर्ष लगातार लगाए जा रहे करोड़ों रुपये के लाखों पौधे भी जिले में हरियाली नहीं बढ़ा पा रहे हैं। हालांकि प्रति वर्ष विभागों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए कागजी कोरम पूरा करना पड़ता है, लेकिन न तो इन पौधों की कोई निगरानी करने वाला है और न ही कोई जांच करने वाला। 2021 से 23 तक करीब डेढ़ करोड़ पौधे रोपे गए, लेकिन महज 0.22 फीसदी पौधे पनप सके हैं। जनपद में 600 से अधिक उद्योग हैं और 40 लाख से अधिक आबादी। इसके अलावा लाखों की संख्या में पशु-पक्षी हैं। हवा को शुद्ध रखने, ऑक्सीजन देने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए पेड़-पौधों की अनिवार्यता अहम है। पौधों की जरूरत को पूरा करने के लिए हर साल इस पर शासन स्तर से गंभीरता भी दिखाई जाती है। हर साल करोड़ों रुपये का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.