मुजफ्फरपुर, फरवरी 23 -- मुजफ्फरपुर। आधी से अधिक जिंदगी नगर निगम व शहर की सेवा में बिता दी। अब बुढ़ापे में दाने-दाने को मोहताज हैं। रोटी के साथ दवा का इंतजाम भी नहीं हो पा रहा है। तीन महीने से पेंशन बंद है, जिसके कारण घर में आर्थिक तंगी है। निगम की चौखट पर फरियाद बेअसर है। अब क्या करें? कहां जाएं? यह पीड़ा है निगम के सेवानिवृत्त कर्मियों की। पीड़ितों की लंबी फेहरिस्त है। करीब 600 पेंशनभोगी व पारिवारिक पेंशन वाले पैसे के अभाव में कष्ट काट रहे हैं। अस्पताल में भर्ती हैं, पैसे के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। किसी के पैर का जख्म नासूर बन चुका है, लेकिन दिन-रात दर्द से कराहने की विवशता है। सेवानिवृत्त कर्मियों में चतुर्थवर्गीय (कुली, खलासी, सफाईकर्मी व अन्य) पदों से रिटायर शामिल हैं। इनकी गुहार है कि पेंशन भुगतान हो जाए तो अपना दवा, इलाज ...
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