बिजनौर, अक्टूबर 2 -- शहर का चर्चित 'तीन बंदर तिराहा अब सिर्फ नाम से ही जाना जा रहा है, क्योंकि करीब दो माह पूर्व से यहां नगरपालिका द्वारा कराए जा रहे सौन्दर्यीकरण और सीसी रोड निर्माण के चलते यहां से गांधी जी के तीनों बंदरों की प्रतीकात्मक मूर्तियां हटा दी गईं। अब यहां दोबारा ये मूर्तियां लगेंगी, इसे लेकर लोगों में संशय है। दरअसल जेल व सीएमओ दफ्तर के बीच में पड़ने वाला यह तिराहा दशकों से 'तीन बंदरों की वजह से न केवल पहचान रखता था, बल्कि यह गांधीवादी मूल्यों 'बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो का प्रतीक भी माना जाता रहा है। लोग तिराहा होने के बावजूद इसे त्रिमूर्ति चौक अथवा तीन बंदर चौक के प्रचलित नाम से जानते हैं। स्थानीय लोगों में हैरानी है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर उन मूर्तियों को क्यों हटाया गया, जो इस स्थान की पहचान और गांधीजी की शिक...
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