औरैया, दिसम्बर 23 -- फफूंद। दिबियापुर-फफूंद मार्ग पर हुए सड़क हादसे को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि भाऊपुर और बीलराई गांवों में चूल्हे ठंडे पड़ गए। मोपेड-बाइक टक्कर में मामा-भांजे समेत तीन लोगों की मौत के बाद पूरा इलाका शोक में डूबा है। हादसा बीत गया, लेकिन उसके जख्म अब गांव-गांव महसूस किए जा रहे हैं। भाऊपुर गांव में मंगलवार सुबह जैसे ही रामवीर का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा, वहां चीख-पुकार मच गई। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले रामवीर के जाने से उसका घर उजड़ गया। पत्नी प्रभा देवी बार-बार बेहोश हो रही थीं, जबकि चारों बच्चे पिता का चेहरा निहारते रह गए। 14 वर्षीय शोभित की आंखों में डर साफ झलक रहा था। अब घर कैसे चलेगा, यह सवाल उसके चेहरे पर लिखा था। ग्रामीण एक ही बात कह रहे थे कि रामवीर पूरे परिवार का सहारा था। इसी घर में रहने वाला भांजा तेज सिंह...