बरेली, मई 22 -- फतेहगंज पूर्वी की गिहार बस्ती बुधवार को पूरी तरह थम गई। सैकड़ों लोग खामोशी से तीन शवों को निहारते रहे, जिन्हें एक ही घर से अंतिम यात्रा के लिए निकाला गया था। बनारसी उर्फ जितेंद्र, उनके बेटे सिद्धार्थ और चार साल के मासूम वीर (स्थानीय लोग बाबू को वीर कहकर जानते थे) की एक साथ मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। बनारसी उर्फ जितेंद्र रोजाना टेंपो चलाकर अपने बच्चों के लिए जिंदगी के सपने बुनते थे। कुछ दिन की छुट्टी लेकर पत्नी रंजना और बच्चों के साथ अपने साले के घर मदनापुर गए थे, लेकिन लौटते वक्त जिंदगी उनका साथ छोड़ गई। हादसे की खबर जैसे ही मोहल्ले में पहुंची, सबसे पहले उनकी बूढ़ी मां बेसुध हो गईं। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला, लेकिन पूरा परिवार शब्दहीन था। बुधवार दोपहर जब तीनों शव एंबुलेंस से पहुंचे तो गिहार बस्ती की गलियों में...
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