नवादा, अक्टूबर 9 -- नवादा/हिसुआ, हिसं/संसू। किऊल-गया रेलखंड पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था सुधारने के लिए लाखों खर्च किए गए, डबल लाइन बिछाई गई, सिग्नलिंग सिस्टम को उन्नत किया गया, मगर हकीकत यह है कि यात्रियों को अब भी पुराने दिनों जैसी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस रेलखंड के प्रमुख स्टेशनों में शामिल तिलैया जंक्शन आज अव्यवस्था और संचालन संकट का पर्याय बन गया है। किसी स्तर पर इसके समाधान को लेकर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। किसी भी स्तर पर इसकी शिकायत डीआरएम दानापुर अथवा जीएम हाजीपुर तक बात पहुंचायी भी जाती है तो संसाधनगत संकट कह कर इसे टाल दिया जाता है। असल में यहां ट्रैक की कमी का रोना अक्सर रोया जाता है। चूंकि यहां हमेशा ही दो से तीन मालगाड़ियां रोक कर रखी जाती हैं, ऐसे में पैसेंजर से लेकर मेल और साप्ताह...
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