कन्नौज, जनवरी 16 -- छिबरामऊ, संवाददाता। लंबे समय से प्रदूषण और उपेक्षा की शिकार तिलखोर नदी के पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की टीम ने इस मृतप्राय नदी का विस्तृत सर्वेक्षण शुरू किया। यह सर्वे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत छोटी नदियों के पुनरुद्धार (स्मॉल रिवर रीजुवेनेशन) कार्यक्रम का हिस्सा है। छिबरामऊ में वर्षों पहले बहने वाली तिलखोर नदी अतिक्रमण के चलते पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। जिसके चलते बारिश के दिनों में आस-पड़ोस के खेतों में जलभराव की समस्या से किसान जूझ रहे हैं। तिलखोर नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसे नदी स्वरूप में वापस लाने के लिए पिछले दिनों पूर्व सभासद हरिशरण शाक्य एडवोकेट और भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ.प्रत्यूष दुबे ने प्रयास शुर...