नई दिल्ली, फरवरी 6 -- तिब्बत में रात करीब 2.30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र धऱती के 25 किलोमीटर नीचे था, वहीं भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई है। बता दें कि भूकंप का केंद्र जब धरती के ज्यादा नीचे नहीं होता है तो वह ज्यादा खतरनाक होता है। दरअसल उथले भूकंप में की सीस्मिक तरंगें धरती पर कम दूरी तक जाती हैं जिससे की धरती ज्यादा तेज हिलती है। इससे इमारतों को ज्यादा नुकसान होता है। तिब्बती पठार को भूकंप संभावित क्षेत्रों में रखा गया है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों में टकराव होता रहता है। तिब्बत और नेपाल एक बड़ी जियोलॉजिकल फाल्ट लाइन पर हैं और इसलिए यहां अकसर भूकंप आया करते हैं। यूरेशियल प्लेट से टकराने की वजह से अकसर धरती हिल जाती है। यह पठार पूर्व से पश्चिम की ओर फैला है। टेक्टो...
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