हल्द्वानी, मई 6 -- हल्द्वानी। दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में प्रसिद्ध कवि लेखक तिब्बती शरणार्थी तेनजिंग सैंडू ने छात्रों को अपनी जीवन यात्रा से रूबरू कराया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से तिब्बत तक की यात्रा के अनुभव साझा किए। जिसमें लद्दाख और तिब्बत के जीवन, खान-पान, फसलों और संस्कृति की जानकारी शामिल दी। तेनजिंग ने बताया कि प्रत्यक्ष ज्ञान ही सर्वोत्तम शिक्षा है। उन्होंने लद्दाख की मिट्टी, लकड़ी और पत्थर से बनी इमारतों और 5000 वर्ष पुरानी पत्थरों की कलाकृतियों का जिक्र किया। साथ ही भारत-तिब्बत के 'खट्टा-मीठा रिश्ते की कहानी, जिसमें तिब्बत से नमक और भारत से गुड़ का व्यापार होता था ने सभी को आकर्षित किया। उनके संघर्ष और प्रेरणा से विद्यार्थी भाव-विभोर हो उठे। विद्यालय प्रबंधक समित टिक्कू ने राहुल सांकृत्यायन की पंक्तियों के साथ तेनजिंग का स्वागत ...
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