नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत ने शुक्रवार को काबुल स्थित अपने तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की। भारत और तालिबान के बीच बढ़ते संबंधों के मद्देनजर इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भारत ने अभी तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, जबकि तालिबान चाहता है कि भारत उसे 'इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान (आईईए) के रूप में मान्यता प्रदान करे। तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी छह दिन की यात्रा पर भारत में हैं। शुक्रवार को उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने नई दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं के प्रति तालिबान की संवेदनशीलता की सराहना की। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के दौरान तालिबान ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई थी, जबकि पाकिस्तान ने उसे गुमराह करने की कोशिश की ...
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