सिद्धार्थ, फरवरी 19 -- सिद्धार्थनगर। हिन्दुस्तान टीम तराई में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने गेहूं उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। सोहना कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल बाली निकलने से लेकर फूल आने और दाना भरने की अवस्था में है। ऐसे में तापमान का सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक होना फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ठंड में कमी और बारिश की संभावना लगभग न के बराबर रहने से तापमान बढ़ गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो फसल समय से पहले पक सकती है। इससे दाने छोटे और सिकुड़े रह जाने की आशंका है, जिससे कुल उत्पादन में गिरावट आ सकती है। यह स्थिति खास तौर पर उन खेतों में अधिक असर डालेगी जहां नमी का संतुलन नहीं रखा गया है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दी है कि ख...
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