बस्ती, जनवरी 22 -- बस्ती, निज संवाददाता। प्रदेश में धुरिया जाति को गोंड जाति का पर्याय मानते हुए अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जाने पर आक्रोश बढ़ रहा है। इस संबंध में अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार रवि यादव को ज्ञापन सौंपकर शासनादेश के अनुपालन की मांग की है। महासभा के जिलाध्यक्ष बलराम गोंड ने ऐतिहासिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1891 में बस्ती में धुरिया समुदाय की संख्या लगभग 39,121 थी, जो अब बढ़कर करीब तीन लाख हो गई है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उन्हें एसटी प्रमाण-पत्र से वंचित रखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष गिरजाशंकर गोंड, लालचंद गोंड और आकाश गोंड सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे।
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