बांदा, जनवरी 15 -- बांदा। संवाददाता घरेलू विवाद में बुधवार देर रात बेटी और पत्नी पर तवे से जानलेवा हमला कर मासूम को मौत के घाट उतारने वाले सिपाही का 24 घंटे बाद भी पता नही चल सका। मरका थाने में तैनात सिपाही का मोबाइल यमुना पुल की रेलिंग पर रखा मिला है। ऐसे में उसके कूदने की आशंका पर 20 घंटे तक नदी में भी सर्चिंग की गई। वहीं गंभीर घायल पत्नी का इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उधर, घायल महिला के पिता ने दामाद सिपाही सहित सात ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, हत्या सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। फर्रुखाबाद के कुईया बूट थाना मऊ दरवाजा निवासी गौरव यादव मरका थाना में 112 पीआरवी में चालक के पद पर तैनात है। वह कस्बे में ही किराये के कमरे में रहता था। बुधवार शाम वह अपनी 32 वर्षीय पत्नी शिवानी और तीन वर्षीय बेटी परी को मरक...
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