नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें कहा कि एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को अपना वह हर सामान वापस ले जाने का अधिकार है जो वह शादी के बाद अपने साथ लाई थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि महिला अपने माता-पिता द्वारा शादी के समय उसे या उसके पति को दिए गए नकद, सोना और अन्य सामान की कानूनी रूप से वसूली की हकदार है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे सामान को महिला की संपत्ति माना जाना चाहिए और शादी समाप्त होने पर उसे वापस किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति संजय करोल और एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की व्याख्या केवल विशुद्ध रूप से नागरिक-विवाद के नजरिए से नहीं, बल्कि संवैधानिक समानता और स्वायत्तता के वादे को पूरा करने के तरीके से की ज...