चंदौली, फरवरी 24 -- चंदौली, संवाददाता। मुकद्दस रमजान माह के पांचवे दिन भी मस्जिदों में कुरआन तरावीह पढ़ने का दौर चलता रहा। इससे मुख्यालय के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में काफी संख्या में रोजेदार पहुंचकर कुरआन तरावीह पढ़ रहे हैं। इसमें बुजुर्गों और नौजवानों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। देर रात तक तरावीह की नमाज अदा करने के बाद देश की अमन-चैन की दुआएं की जा रही है। मुख्यालय स्थित मदरसे में तरावीह पढ़ा रहे हाफिज मुश्ताक अहमद ने कहा कि रमजान के महीने में अदा की जाने वाली तरावीह की नमाज के हर सजदे पर नेकियां मिलती है। वहीं जन्नत में एक खूबसूरत महल बनता है। इसमें 60 हजार सोने-चांदी के दरवाजे होते हैं। हर सजदे पर जन्नत में एक दरख्त लगता है। जिसके नीचे 100 साल तक घोड़ा दौड़ सकता है। तरावीह और दिन के रोजे के ...