गोरखपुर, मार्च 17 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। ब्लैक कार्बन की सांद्रता सर्दियों में अधिकतम और मानसून में न्यूनतम पाई गई है। तराई क्षेत्र के पश्चिम भाग से गोरखपुर में ब्लैक कार्बन प्रदूषण बढ़ रहा है। यह तथ्य दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के गंगा के तराई मैदानी क्षेत्र ब्लैक कार्बन एरोसोल के प्रभाव पर अध्ययन में सामने आए हैं। यह शोधपत्र 'एटमॉस्फेरिक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन का नेतृत्व भौतिकी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद ने किया है। इसमें प्रो. शांतनु रस्तोगी, डॉ. प्रयागराज सिंह, डॉ. आदित्य वैश्य, डॉ. मुकुंदा एम गोगोई और डॉ. एस सुरेश बाबू भी शामिल रहे। डॉ. प्रभुनाथ ने बताया कि अध्ययन 2013 से 2023 के बीच गोरखपुर में भूमि-आधारित और उपग्रह डेटा के माध्यम से ब्लैक कार्बन के बदलते रुझानों,...
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