गंगापार, जनवरी 4 -- शासन द्वारा किसानों की फसल को अन्ना मवेशियों से बचाने एवं गो वंशों की सुरक्षा के लिए गोशाला की ब्यवस्था की गई है किन्तु बारा तहसील के यमुना की तराई क्षेत्र जिसे इलाकाई लोग तरहार कहते हैं में गोशाला की ब्यवस्था नहीं है। इससे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। विकास खंड जसरा और शंकरगढ़ में पड़ने वाले दर्जनों गांवों के ‌क्षेत्रफल‌ में एक भी गोशाला नहीं है। जसरा से चिल्ला गौहानी तक पचखरा,परसरा,तातारगंज, छिड़िया, चिल्ला गौहानी,भीटा से प्रतापपुर लगभग बीस किमी में बसे गांवों चितौरी, सेंधुवार, सुजौना, लेवदी, बसहरा तरहार, छतहरा, सोनौरी, गोइसरा, लालापुर, चक सुचेर, पड़ुआ, प्रतापपुर, भटपुरा, इसी प्रकार भीटा से सेमरी तरहार तक यमुना नदी के किनारे बसे गांवों कंजासा, कैनुआ, बिरवल, जगदीशपुर, नगरवार, कचरा, ओझा पट्टी, मानपुर, बरहुला, भभंउर, ना...