चेन्नई, अप्रैल 12 -- तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 10 विधेयकों (बिल) को बिना राज्यपाल या राष्ट्रपति की औपचारिक सहमति के अधिनियम (एक्ट) के रूप में अधिसूचित कर दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें इन विधेयकों को स्वतः स्वीकृत माना गया। यह भारत में पहली बार है जब किसी राज्य ने बिना राज्यपाल या राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के विधेयकों को लागू किया है। इसे राज्य सरकार की स्वायत्तता और संघीय ढांचे की जीत के रूप में देखा जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2025 को तमिलनाडु सरकार बनाम तमिलनाडु के राज्यपाल मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा 10 विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार के लिए भेजने को "असंवैधानिक" और "गैरकानूनी" करार द...
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