प्रयागराज, दिसम्बर 14 -- राजकीय महाविद्यालय अकादमिक सोसायटी (उत्तर प्रदेश) की ओर से शिक्षा निदेशालय में दो दिनी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को हुआ। 'विकसित भारत @2047: परंपरा, परिवर्तन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समन्वय' विषय पर शिक्षाविदों विचार रखे। संगोष्ठी के दौरान तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों की ओर से 10 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथि पीआरएसयू के कुलपति अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब तकनीक का प्रयोग विवेक और मानवीय मूल्यों के साथ किया जाए।
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