महाराजगंज, फरवरी 8 -- महराजगंज, निज संवाददाता। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गांवों में लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। कच्चा घर की अनिवार्यता के कारण पात्र नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में शत प्रतिशत नियम के तहत सर्वे हुआ तो इस बार गांवों में लाभार्थी कम ही रहेंगे। इसमें पक्का मकान वालों को आवास का लाभ नहीं दिया जाना है। सर्वे में फोटो लेते समय यदि पक्का ईट या दीवाल दिखेगा तो मोबाइल एप स्वत: ही अपात्र कर देगा। इस बार स्वत: अपात्र होने से पात्रों को ढूंढने में सर्वेयरों को पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि गांवों में अधिकांश घर पक्के हो चुके हैं। भले ही मकान पर लिंटर नहीं लगा है लेकिन अधिकांश दीवाल ईंट से बने हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दो तरह का सर्वे हो रहा है। एक सरकारी सर्वेयर कर रहे हैं। दूसरा व्यक्ति खुद सर्वे कर सकते हैं। ...
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