नई दिल्ली, जून 26 -- बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक दुर्गा माता का मंदिर तोड़े जाने की विदेश मंत्रालय ने आलोचना की है। मंत्रालय ने इसके लिए यूनुस प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उन्होंने इसे बचाने की जगह इसे अवैध भूमि करार देते हुए इसे तोड़ने पर अपनी सहमति दिखाई है। यह फैसला दिखाता है कि इस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक संस्थानों की रक्षा करने में कितनी असमर्थ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पूरे मामले में विरोधी रुख अपनाने वाले बांग्लादेशी अधिकारियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमें पता चला है कि चरमपंथी तत्व काफी पहले से ढाका के खिलखेत में स्थित दुर्गा मंदिर को ध्वस्त करने की मांग कर रहे थे। अंतरिम सरकार के अधिकारियों ने इसे रोकने की जगह इसको अवैध भूमि के रूप में दिखाया और गुर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.