गोरखपुर, सितम्बर 17 -- गोरखपुर। बिजली निगम के अभियंताओं की लापरवाही का खामियाजा केवल उपभोक्ता ही नहीं बल्कि बिजली निगम को भी भुगतना पड़ रहा है। बिजली थाने में पिछले ढाई साल में 4495 मुकदमे दर्ज किए गए जिनमे से 2572 मुकदमों का निस्तारण नहीं हो सका है। ये मामले केवल मूल्यांकन की वजह से लटके पड़े हैं। इन मुकदमों में बिजली निगम का लाखों रुपए का राजस्व भी अटका पड़ा है। जिले में पिछले ढाई सालों से उपभोक्ताओं के मूल्यांकन लटके पड़े हैं लेकिन जिम्मेदार अभियंताओं और कार्यकारी सहायकों को फुरसत नहीं मिल रही है कि वे इन मामलों का निस्तारण कर सकें। वर्ष 2023 से अब तक 2572 मुकदमें असेसमेंट की वजह से निस्तारित नहीं हुए। बिजली थाने में वर्ष 2023 में 2040 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें से 872 मामले असेसमेंट नहीं होने से आज तक लटके पड़े हैं। वहीं 2024 में 1...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.