भागलपुर, जनवरी 30 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। दरअसल, बीएयू द्वारा ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 'ड्रैगन फ्रूट पोल डिगर तैयार किया गया है। यह खेती में उपयोग किए जाने वाले खंभों के लिए गड्ढा खुदाई के लिए डिजाइन किया गया है। बीएयू ने इसका पेटेंट प्राप्त कर लिया है। यह नए साल में विवि के लिए सौगात है। यह तकनीक विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व बीएयू के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह कर रहे थे। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि डिगर के माध्यम से खेतों में श्रम लागत कम होगी, दक्षता बढ़ेगी और पौधों की उत्पादकता में सुधार होगा। सरकार की 40% सब्सिडी योजना भी इस पहल को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। ड्रैगन फ्रूट एक कैक्टस प्रजाति का पौधा है। इसे खंभों के सहारे की आवश्यकता होती है। इन खंभों क...
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