भागलपुर, फरवरी 19 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। गांगेय डॉल्फिन के संरक्षण और भागलपुर स्थित डॉल्फिन अभयारण्य के विकास को लेकर प्रशासनिक सुस्ती और फंड के इस्तेमाल पर अब सवाल उठने लगे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार डॉल्फिन अभयारण्य के एनओसी के नाम पर क्लीयरेंस फंड में करोड़ों की राशि जमा है, लेकिन विकास कार्य फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। हाल ही में बुडको द्वारा एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के पांच पंपिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए वन विभाग के कैंपा फंड में 8 करोड़ 26 लाख 58 हजार रुपये की राशि क्लीयरेंस फंड के रूप में जमा कराई गई थी। नियम के अनुसार इस राशि का उपयोग डॉल्फिन अभयारण्य के विकास और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी के लिए होना चाहिए था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शहर में अब इस फंड के इस्तेमाल क...