दरभंगा, जनवरी 11 -- डॉली सिंह की प्रस्तुति 'हमरा मम्मी के रे दुलरुआ दामाद राजाजी, रंगवाज राजा जी, ओ धोखेबाज राजा जी, रामबाबू झा और डॉली सिंह के द्वारा गाये गीत 'कनी हसिअउ न सजनी गुलाब कहई य' की प्रस्तुति एवं शारदा कुमारी के नृत्य को भी लोगों ने खूब सराहा। लोग इन गीतों पर झूमते रहे। सूबे की मशहूर फनकारा अपूर्वा प्रियदर्शी ने शिव आराधना के बाद 'मैं तेरे इश्क में मर न जाऊं कहीं, दफुली वाले डफली बजा, मेरे घुंघरू बुलाते हैं, मिलो न तुम तो हम घबराये, झुमका गिरा रे दरभंगा के बाजार में' एक से बढ़कर एक मैथिली, भोजपुरी गीत व गजल को अपनी सुरमयी आवाज में प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.