लखनऊ, दिसम्बर 18 -- लोहिया संस्थान में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। ओपीडी मरीजों को चेहती कंपनियों की दवाएं लिखी जा रही हैं। जो संस्थान के बाहर चुनिंदा मेडिकल स्टोर में ही मिल रही हैं। इसकी वजह से गरीब मरीज महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। गुरुवार को ओपीडी में तमाम मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी गई हैं। दूर दराज से आने वाले मरीज बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। संस्थान में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के दवा काउंटर हैं। इसके बावजूद डॉक्टर मरीजों को सस्ती दवाएं लिखने से परहेज कर रहे हैं। हालात यह है कि मरीजों के पर्चे पर चार से पांच तरह की दवाएं लिखी जा रही हैं। जिसमें दो से तीन दवाएं मोनोपोली होती हैं। ये दवाएं आसानी से संस्थान की खुली फार्मेसी में नहीं मिलती हैं। इससे मरीजों को दवा के लिए बाहर खुले मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ता...