अलीगढ़, नवम्बर 29 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की असली तस्वीर चौंकाने वाली है। अस्पतालों में डॉक्टरों के नाम पर सिर्फ बोर्ड चमक रहे हैं, इलाज कंपाउंडरों और पांचवीं-आठवीं पास कर्मियों के भरोसे चल रहा है। ऑन-कॉल रहने वाले डॉक्टर दूसरे अस्पतालों में व्यस्त रहते हैं, जबकि मरीजों का उपचार गंदगी, सीलन और दुर्गंध से भरी जगहों पर हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी और शिकायतों पर लीपापोती इस अव्यवस्था को और खतरनाक बना रही है। हिंदुस्तान की टीम ने जब पड़ताल की तो कई अस्पताल दुकानों, बेसमेंट और छोटे कमरों में संचालित मिल गए, जहां इलाज मानक से कोसों दूर था। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहद गंभीर है। सरकारी अस्पतालों की कमी का फायदा उठाकर कई प्राइवेट नर्सिंग होम और क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं, वह भी बिना डॉक्टर, बिन...