बागपत, जुलाई 1 -- इस धरती पर चिकित्सकों को ऐसे ही भगवान नहीं कहा जाता। जहां एक ओर ये गंभीर से गंभीर बीमारी को इलाज कर मरीज को स्वस्थ करते हैं। वहीं उनके दूसरे रूप को देखकर यह कहने में जरा भी संकोच नहीं होता कि ये वास्तव में धरती के भगवान ही हैं। कोई बेटियों को बचाने में लगा हुआ है तो कोई पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग दिखाई देता है। अपने चिकित्सा पेशे से इतर ये जिस तरह से काम कर रहे हैं, यह वास्तव में बहुत बड़ी बात है। डॉ विपिन चौहान: देश में महिला-पुरुष लिंगानुपात की दिशा में बड़ौत का मेट्रो नर्सिंग केयर हॉस्पिटल सराहनीय काम कर रहा है। परिवार के लोग भले नाखुश हों, मगर अस्पताल में बेटी के जन्म पर जश्न मनाया जाता है। यहां बेटी के जन्म पर डॉक्टर न फीस लेते हैं और न ही अस्पताल डिलीवरी का चार्ज लेता है। बेटी के जन्म होने पर पूरे अस्पताल को दुल्ह...
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