गंगापार, मई 28 -- मुख्यालय से तीनों ओर लंबी दूरी होने के कारण बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए बनाये गए तीनों पीएचसी कर्मचारियों और डाक्टरों के अभाव में जनोपयोगी न होने के कारण बंद होने के कगार पर हैं। 69 ग्राम पंचायतों वाले 24 वर्ग किमी में फैले मांडा क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा अस्सी व नब्बे के दशक में केड़वर, दोहथा और महेवा कला ग्राम पंचायत में करोड़ों के लागत से पीएचसी का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2014 से ही इन तीनों पीएचसी में कर्मचारियों व डाक्टरों का अभाव बरकरार है। इस समय केड़वर पीएचसी में एकमात्र वार्ड ब्वाय नियुक्त है, लेकिन अन्य कर्मचारियों व स्टाप के अभाव में वार्ड ब्वॉय भी कभी कभार ही केड़वर पीएचसी का ताला खोलता है। दोहथा पीएचसी में दो साल से कोई भी डाक्टर नियुक्त नहीं है अन्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.