प्रयागराज, फरवरी 12 -- प्रयागराज। डेटा-आधारित ऑडिट का प्रभाव दिखाई पड़ने लगा है। आधुनिका विधा के उपयोग से असामान्य भुगतान, ठेकेदार संबंधी अनियमितता, परियोजना विलंब एवं लागत वृद्धि, व्यय विश्लेषण जैसे कुछ विशेष संकेतकों की पहचान की गई है, जिन पर तुरंत लेखापरीक्षा का ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डेटा आधारित लेखा परीक्षा पर एजी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला के तीसरे दिन सार्वजनिक धन के उपयोग में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए डेटा आधारित ऑ़डिट को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। कार्यशाला में आशुतोष शर्मा (प्रधान महालेखाकार) हरियाणा ने लेखा परीक्षा में परंपरागत, यादृच्छिक एवं इकाई-आधारित मामलों के चयन से आगे बढ़ने पर बल दिया। नई कार्यप्रणाली के अंतर्गत मासिक लेखे, वीएलसी डेटा तथा लोक निर्माण विभाग के पोर्टलों को एक...