गुमला, जनवरी 13 -- डुमरी, प्रतिनिधि । प्रखंड के सरना समाज के अगुवा गणों की बैठक में समाज में तेजी से फैल रहे नशापान जैसी सामाजिक बुराई पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा करना और इससे मुक्ति के लिए ठोस पहल शुरू करना रहा।बैठक में वरिष्ठ अगुवा जगरनाथ भगत ने कहा कि आदिवासी समाज में नशापान परिवारिक झगड़े, मारपीट, घरेलू हिंसा और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि नशा शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन दोनों को कमजोर करता है। जिससे युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। समाज के अगुवा गणों ने इस समस्या से निपटने के लिए नशे के विकल्प के रूप में फल और फलों के जूस को अपनाने की पहल शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल स्वास्थ्यवर्धक है,बल्कि परिवार और...