बक्सर, नवम्बर 22 -- पेज-04 का बॉटम पीढ़ियों से खरवार परिवार की कारीगरी कई राज्यों में चमका रही क्षेत्र का नाम बिहार, झारखंड और यूपी सहित अन्य राज्यों से खरीददारी को पहुंचते हैं व्यापारी आम की लकड़ी को तराश कर बनाया जाता है सिहोंरा,लगाया जाता है प्राकृतिक रंग फोटो:- 13 कैप्सन- शनिवार को डुमरांव के शहीदमल मुहल्ले में सिंहोरा बनाता कारिगर डुमरांव, संवाद सूत्र। डुमरांव शहर का पारंपरिक सिंहोरा आज भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। सौभाग्य और सुहाग का प्रतीक माने जाने वाले सिंहोरे की मांग इस वर्ष शादी-विवाह के सीजन में और बढ़ गई है। बिहार के भोजपुर, रोहतास, पटना, गया से लेकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक इसकी ख्याति पहुंच चुकी है, जहां सुहागिन महिलाएं इसे विशेष रूप से सौभाग्य का प्रतीक मानकर अपनाती हैं। डुमरांव के खरवार परिवार लंबे सम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.