संतकबीरनगर, नवम्बर 13 -- मेंहदावल, हिन्दुस्तान संवाद। रबी की फसल बुवाई के सीजन में किसानों को डीएपी खाद और बीज की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की बुवाई के लिए किसानों की सबसे बड़ी जरूरत खाद-बीज है, लेकिन इस समय अधिकांश समितियों पर खाद नदारद है। किसान सुबह से शाम तक समितियों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं, मगर अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सीमित मात्रा में आई खाद केवल कुछ चुनिंदा किसानों को ही मिल पाई। इस स्थिति से परेशान होकर बड़ी संख्या में किसान अब प्राइवेट खाद-बीज की दुकानों का रुख कर रहे हैं, जहां मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं। कई दुकानदार बीज के साथ ही खाद लेने की शर्त लगा रहे हैं, जबकि कुछ यूरिया के साथ सुपर फास्फेट लेने को मजबूर कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि निजी दुकानदारों द्वारा जमकर शोषण किया जा रहा है। ...
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