अलीगढ़, जुलाई 10 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। श्रावण मास के साथ ही कांवड़ यात्रा व शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे सुनाई देने लगेंगे। भगवान शिव की मूर्तियों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। खास बात यह है कि इन मूर्तियों को तैयार करने वाले मुस्लिम कारीगर भी शामिल हैं। श्रावण मास के अलावा गणेशोत्सव, नवरात्रि के लिए मूर्तियों की फैक्ट्रियों में दिन-रात काम हो रहा है। अलीगढ़ की पहचान बेशक ही ताला व हार्डवेयर कारोबार से है लेकिन बड़े पैमाने पर यहां पीतल की मूर्तियां बनाने का भी काम होता है। घरेलू मार्केट के अलावा मूर्तियां विदेशों में भी एक्सपोर्ट की जाती हैं। मूर्ति का कारोबार जनवरी से जून महीने तक ठंडा रहता है लेकिन इसके बाद काम में तेजी आ जाती है। दरअसल यूपी, उत्तराखंड में श्रावण मास में भगवान शिव व शिव परिवार की मूर्तियों की डिमांड काफी र...
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