लखनऊ, फरवरी 17 -- लोहिया अस्पताल के आला अफसर दवाओं की घपलेबाजी, बाजार में दवाएं बिकने के मामलों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। अफसर अपनी व स्थायी फार्मासिस्टों की गर्दन बचाने के लिए हर बार आउटसोर्स फार्मासिस्टों को नौकरी से हटा रहे हैं। स्थायी फार्मासिस्टों को मलाईदार कुर्सी पर बार-बार बिठाने का काम भी अफसर कर रहे हैं, जबकि तीन साल पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लोहिया में करीब ढाई लाख रुपए की एक्सपायर दवाएं निरीक्षण में पकड़ी थीं। उसके बाद शासन स्तर से जांच कमेटी गठित हुई तो लोहिया के अफसरों ने गोलमोल आदेश बनाकर सेंट्रल स्टोर से मामले में फंस रहे फार्मासिस्टों को हटा दिया। कुछ ही समय बाद फिर से सेंट्रल स्टोर पर फार्मासिस्टों को उसी कुर्सी पर बिठा दिया। गोलमोल आदेश कर फार्मासिस्टों को हटाया डिप्टी सीएम ने मई 2022 में लोहिया का निरीक्षण कि...
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