लखनऊ, जनवरी 6 -- झांसी में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी रिश्वत प्रकरण का खुलासा करने वाली सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई पिछले चार सालों में जीएसटी के बड़े कारोबारियों के यहां पड़े छापों का ब्योरा भी जुटाएगी। इस दौरान व्यापारियों से मिले दस्तावेजों और उन पर हुई कार्रवाई की फाइल भी खंगालेगी। सीबीआई ने यह कार्रवाई विभाग के ही कुछ अफसरों और कर्मचारियों के बयान से मिले कुछ तथ्यों के आधार पर शुरू की है। दावा किया जा रहा है कि छापेमारी के बाद रिश्वत के खेल में पहले तैनात रहे कई और अफसर-कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। सीबीआई ने झांसी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सुपरवाइजर अनिल तिवारी, अजय शर्मा, वकील नरेश गुप्ता, जय दुर्गा हार्डवेयर के संचालक राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के घर से बरामद लाखों रुपये की न...