नई दिल्ली, जुलाई 5 -- साइबरक्राइम को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि यह डिजिटल भारत के लिए बड़ा खतरा है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस तरह की ठगी से लोगों का डिजिटल सेवाओं और ट्रांजैक्शन से भरोसा उठ जाता है। यह केवल किसी का निजी नुकसान नहीं है बल्कि डिजिटल भारत की पूरी संरचना को नुकसान पहुंचाने वाला है। हाई कोर्ट ने साइबरक्राइम को एक साइलेंट वायरस बताया है। जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि पेमेंट गेटवे, ऑनलाइन बैंकिंग, ई वॉलेट्स के जरिए लोग लेनदेन करते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि यहां उनके पैसे सुरक्षित हैं। वहीं जब किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो लोग डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल से बचने लगते हैं। इससे देश में डिजिटल ग्रोथ कम हो जाती है। इसीलिए कोर्ट साइबर क्राइम को अन्य अपराध से ज्यादा खतरनाक मानता है। कोर्ट ने कहा कि इस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.