मुजफ्फरपुर, फरवरी 20 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। 'चिड़ियों की दावेदारी' गजल-संग्रह बहुअर्थी है। यह स्त्री की आकांक्षा व स्वप्न और हौसले को रेखांकित करता है। यह नये सौंदर्यशास्त्र की मांग करता है। ये बातें शुक्रवार को चर्चित गजलकार डॉ. भावना के गजल-संग्रह के लोकार्पण सह पुस्तक-परिचर्चा में प्रो. रमेश ऋतंभर ने कहीं। 'आंच' साहित्यिक वेब पत्रिका के जीरोमाईल स्थित सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें शहर के कई कवियों-साहित्यकारों ने भाग लिया। डॉ. रामेश्वर द्विवेदी ने कहा कि डॉ. भावना गजलों से खुला आसमान नाप रही हैं। कवि-गीतकार उदय शंकर उदय व डॉ. रवीन्द्र उपाध्याय ने डॉ. भावना के गजल-संग्रह की समीक्षा की। प्रथम सत्र में लोकार्पण के बाद काव्य-पाठ हुआ। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले साहित्यकारों में प्रमोद नारायण मिश्र, श्यामल श्रीवास्तव, पंकज कर्...
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