अलीगढ़, जुलाई 28 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी पर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन) ने एक कारगर हथियार की तरह काम किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में डायरिया से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा कारण छोटे बच्चों तक समय से ओआरएस पहुंचना है। एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री का कहना है कि जहां ओआरएस पहुंचा, वहां डायरिया से होने वाली बच्चों की मौत लगभग समाप्त हो गई। पांच साल तक की उम्र के बच्चों में डायरिया से मृत्यु की दर पहले चिंताजनक थी, लेकिन अब विभाग की सक्रियता से ओआरएस प्रत्येक घर तक पहुंचाया जा रहा है। खासकर बरसात के मौसम में, जब डायरिया के मामले बढ़ते हैं। तब समय से दिया गया ओआरएस जीवन रक्षक सिद्ध होता है। शहरी क्षेत्रों और कस्बों में ओआरएस को लेकर जागरूकता लगा...