बदायूं, दिसम्बर 24 -- बिल्सी। गांव गड़रपुरा में आयोजित भगवान बुद्ध की कथा के पांचवें दिन कथावाचक श्याम सुंदर बौद्ध ने डाकू अंगुलिमाल के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हिंसा और क्रूरता के मार्ग पर चलने वाला अंगुलिमाल भगवान बुद्ध की करुणा, अहिंसा और उपदेशों से प्रभावित होकर अपने जीवन का परिवर्तन करता है। कथावाचक ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने अंगुलिमाल के उदाहरण के माध्यम से समझाया कि कोई भी व्यक्ति कितना ही भटका हुआ क्यों न हो, यदि वह सच्चे मन से आत्मचिंतन और सदमार्ग को अपनाता है तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस मौके पर हरवीर शाक्य, चंद्रपाल, किशन पाल, मोहनलाल, हरविलास, पान सिंह, सुनील कुमार, श्यामवीर, रामवीर, शिशुपाल आदि मौजूद रहे।

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