भागलपुर, जून 18 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में फर्जी अंक पत्र के खेल में जमकर लापरवाही हुई है। यही वजह है कि एक के बाद एक लगातार मामले के बाद भी आरोपित कर्मी संजय कुमार को चेतावनी देकर छोड़ा जाता रहा। दरअसल, परीक्षा विभाग का तर्क था कि जो मामले पकड़ में आते थे, उस मामले में पीड़ित विद्यार्थी द्वारा कर्मी के विरुद्ध मौखिक रूप में शिकायत की जाती थी। जब आरोपित कर्मी को चेतावनी दी जाती थी तो वह भविष्य में दोबारा गलती नहीं करने की बात करता था। साथ ही पीड़ित विद्यार्थी मामले में डर से लिखित शिकायत देने से बचते रहे। यही वजह थी कि संजय की करतूत बंद नहीं हुई। फर्जी अंक पत्र के आधा दर्जन से ज्यादा मामले परीक्षा विभाग में सामने आए थे, लेकिन हर बार लिखित शिकायत नहीं करने की वजह से परीक्षा विभाग और विवि ...
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