नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- आज के समय में बच्चों को एक अच्छी परवरिश देना बेहद कठिन काम है। भागते-दौड़ते कॉम्पिटिशन से भरे इस युग में माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता 'अनुशासन' के नाम पर 'डर' में बदलता जा रहा है। ऐसे में एक शिक्षक और मार्गदर्शक बनकर उभरे डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की पेरेंटिंग से जुड़ी बातें सीधा दिल पर असर करती हैं। विकास कहते हैं कि माता-पिता अकसर अपने बच्चों की पढ़ाई और करियर को लेकर इतने गंभीर हो जाते हैं कि उनके बचपन और मानसिक स्वास्थ्य तक को ही भूलने लगते हैं। दिव्यकीर्ति जी का मानना है कि परवरिश का मतलब केवल सुविधाएं देना नहीं, बल्कि बच्चे को एक बेहतर इंसान बनाना भी है। ऐसा करते हुए माता-पिता का काम बच्चे पर अपनी इच्छाएं थोपना नहीं, बल्कि उन्हें पंख फैलाकर उड़ने के लिए एक सुरक्षित आसमान देना है। डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के अ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.