वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के काव्यार्चन का होली मिलन सह विमर्श समारोह मंगलवार को बजड़े पर आयोजित किया गया। इसमें 'काव्यार्चन परिवार के 50 से अधिक सदस्यों ने हिस्सेदारी की। अस्सी से राजघाट के मध्य गंगा की लहरों पर प्रवाहमान बजड़े पर मौजूद हास्य कवियों ने एक तरफ हास-परिहास का वातावरण बनाया। वहीं सभी सदस्यों ने 25 मार्च को सुबह-ए-बनारस के बुढ़वा मंगल महोत्सव के स्वरूप निर्धारण के लिए सुझाव दिए। संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा ने कहा कि कम समय में 'काव्यार्चन समृद्ध साहित्यिक मंच बन गया है। प्रो. मनुलता शर्मा, डॉ. अलका दुबे, प्रो. वत्सला श्रीवास्तव, राजलक्ष्मी मिश्रा, ऋतु दीक्षित, चेतन तिवारी, जगदीश्वरी चौबे, प्रियंका अग्निहोत्री 'गीत, झरना मुखर्जी, महेंद्र तिवारी 'अलंकार, गणेश प्रसाद 'गंभीर, सूर्य ...
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