गंगापार, जनवरी 2 -- कस्बा भारतगंज में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच भी दिहाड़ी मजदूरों की मजबूरी साफ नजर आ रही है। पेट की आग बुझाने के लिए रोज़ाना सुबह से ही मजदूरों की टोलियां बस अड्डे, शुक्रवारी बाजार रोड, कटरा और गाड़ीवान रोड पर दुकानों के सामने व पटरियों के किनारे खड़ी होकर काम की तलाश करती दिखती हैं। ये वही मजदूर हैं जो मकान निर्माण, नींव खुदाई, पुताई, ईंट-पत्थर और मिट्टी ढोने जैसे मेहनत-मशक्कत वाले काम चौराहों पर खड़े रहकर तलाशते हैं। जिन्हें मजदूरों की जरूरत होती है, वे बस अड्डे पर पहुंचकर बातचीत व तयशुदा मेहनताना तय कर मजदूरों को काम पर ले जाते हैं। जिनके यहां काम समाप्त हो जाता है, वे अगली सुबह फिर सुबह करीब आठ बजे बस अड्डे पर पहुंचकर नए काम की आस में खड़े हो जाते हैं। अगर काम नहीं मिला तो मायूस होकर घर लौटना उनकी मजबूरी बन ज...
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