रांची, जनवरी 5 -- रांची, संवाददाता। कड़ाके की ठंड के बीच हाईपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के प्रति लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। सदर अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार के अनुसार, शीत लहर के दौरान ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। अस्पतालों में बढ़ी संख्या पहले जहां प्रतिदिन औसतन 5 मरीज अस्पताल पहुंचते थे, अब यह संख्या बढ़कर 7 से 10 तक पहुंच गई है। सदर अस्पताल के न्यूरोलॉजी वार्ड, आईसीयू और इमरजेंसी में स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। डॉ. विकास ने बताया कि अत्यधिक ठंड के कारण रक्तचाप बढ़ जाता है और खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। युवाओं में बढ़ता जोखिम चिंता का विषय आमतौर पर स्ट्रोक का खतरा ...