अलीगढ़, नवम्बर 28 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। ठंड का असर अब सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग और मनोभावों पर भी साफ दिखने लगा है। पिछले दो सप्ताह से तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। इसी के साथ अस्पतालों सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मनोचिकित्सा विभाग में रोज लगभग 15 मरीज उदासी, बेचैनी, घबराहट और नींद न आने जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, तापमान में लगातार गिरावट से शरीर की जैविक घड़ी और हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है, जिससे मूड स्विंग्स, ऊर्जा में कमी और अनचाही उदासी हावी होने लगती है। खासतौर पर सुबह के समय सूरज की रोशनी कम मिल पाने से दिमाग में होने वाले केमिकल बदलाव मानसिक स्थिति पर असर डालते हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों से उदासी के साथ मूड स्विंग्स, पसीना आना, घबराहट और च...
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