पीलीभीत, मई 4 -- पीलीभीत, संवाददाता। गन्ना किसानों को फसल में छेदक कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए जैविक उपायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फेरोमोन ट्रैप का उपयोग प्रभावी बन रहा है। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल एवं रसायनमुक्त होने के कारण न सिर्फ फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। बल्कि उत्पादन लागत में भी कमी लाती है। फेरोमोन ट्रैप से प्रभावी कीट नियंत्रण, गन्ने में लगने वाले प्रमुख कीट जैसे टॉप बोरर, अर्ली शूट बोरर आदि की समय से पहचान एवं प्रभावी नियंत्रण हो जाता है। डीसीओ खुशी राम भार्गव ने बरखेड़ा चीनी मिल के ग्राम भोपतपुर मे किसान सुरेन्द्र सिंह के फार्म पर फेरोमोन ट्रैप लगवाकर इसका परीक्षण किया। फेरोमोन ट्रैप बरखेड़ा चीनी मिल द्वारा किसानों को बोरर कीटों के नियंत्रण के लिए निःशुल्क दिये जा रहे है। डीसीओ का कहना है कि किसान गन्ने की फस...
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